बीकानेर. खाद्य सुरक्षा की आवश्यकता वाले बेसहारा और जरूरतमंद व्यक्तियों को खाद्यान्न मदद के लिए जिले में पुन: सर्वे करवाया जाएगा। जिला कलक्टर नमित मेहता ने इस संबंध में नगर निगम आयुक्त, सीईओ जिला परिषद और सभी उपखंड अधिकारी और नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को 3 अगस्त तक सर्वेे पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
पात्र व्यक्ति स्वयं भी करवा सकते हैं पंजीयन
जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर उपलब्ध करवाए जनाधार डेटाबेस को डाउनलोड कर इसका उपयोग किया जा सकता है। यह सर्वे केवल मोबाइल एप, ई मित्र कियोस्क के माध्यम से ही किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे ग्राम पंचायत स्तरीय कोर ग्रुप और बीएलओ के जरिए करवाया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में यह कार्य नगरीय निकाय के माध्यम से करवाया जाएगा। बेसहारा एवं जरूरतमंद व्यक्ति या परिवार मोबाइल ऐप, ई-मित्र पर जाकर स्वयं भी अपना पंजीयन करवा सकते हैं। जिनका पूर्व में सर्वे किया जा चुका है, उन्हें पुन: सर्वे की आवश्यकता नहीं है।
इन 37 श्रेणियों में मिलेगा लाभ
अस्थाई रूप से बंद हुए 37 श्रेणियों के उद्योग धंधों एवं कार्यरत कार्मिकों के लिए यह सुविधा दी गई है। इसमें हेयर सैलूून, कपड़े धुलाई एवं प्रेस, फूटवेयर मरम्मत या पालिश, घरों में साफ -सफाई, चैराहों पर सामान बेचने वाले, रिक्शा चलाने वाले, पान की दुकान, रेस्टोरेट होटल में वेटर रसोइया, रद्दी बीनने वाले, भवन निर्माण कार्य में नियोजित श्रमिक, कोरोना के कारण बंद हुए उद्योगों में लगे श्रमिक, प्राइवेट पब्लिक ट्रांसपोर्ट में कार्यरत ड्राइवर या कंडक्टर, ठेला, रेहड़ी, स्ट्रीट वेंडर को इस योजना के तहत शामिल है।
यह भी शामिल
धार्मिक संस्थाओं में पूजा, इबाबत करने वाले, विवाह निकाह व अन्य धार्मिक कार्य सम्पन्न करने वाले व्यक्ति भी लाभान्वित होंगे। मैरिज पैलेस, केटरिंग, सिनेमा हॉल कार्मिक, कोचिंग संस्थाओं में सफाई कर्मी, सहायक, विवाह समारोह में बैंड, घोड़ी, ढोल गाने-बजाने वाले, आभूषण, चूडिय़ों नगिनों में लगे श्रमिक, फर्नीचर श्रमिक, बुक बाईंडर या प्रिंटिंग प्रेस में लगे श्रमिकों को, रंगाई पुताई, पर्यटन गाडड, कठपुतली बनाने व खेल दिखाने वाले व्यक्ति, ईंट भट्टों में लगे श्रमिक, फूल मालाओं का काम करने वाले श्रमिक, टायर पंचर, पत्तल दोने बनाने में लगे श्रमिक, घुमंतू या अर्ध घुमंतू व्यक्ति, गाडिय़ा लोहार, झूले वाले, खेल तमाशा, जादू करतब दिखाने वाले, लोक कलाकार, कुली हमाल, मिट्टी के बर्तन बनाने वाले अथवा अन्य श्रेणी के व्यक्तियों को राशन सहायता मुहैया करवाई जाएगी।
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