भीलवाड़ा फिर बना कोरोना हॉट स्पॉट - Hindi And English Top Breaking news -LATEST NEWS AND BREAKING NEWS IN HINDI/ENGLISH

Hindi And English Top Breaking news -LATEST NEWS AND BREAKING NEWS IN HINDI/ENGLISH

Hindi And English Top Breaking news -LATEST NEWS AND BREAKING NEWS IN HINDI/ENGLISH Latest News and Breaking News in Hindi From India and Wrold Only at First Post Hindi English We Provide all News in Hindi English On Politics, Cricket, Sports, Bollywood, Crime, Business, Share Market, Celebrity, Health ,Youga , Shopping, travel and many more Subject. Hindi English News: पल-पल के हिंदी समाचार, देश- विदेश समाचार, Breaking News in Hindi, हिंदी ख़बरें, मनोरंजन और खेल ...

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Friday, July 24, 2020

भीलवाड़ा फिर बना कोरोना हॉट स्पॉट

भीलवाड़ा।
लगातार कोरोना संक्रमित मिलने से जिला हॉट स्पॉट बनता जा रहा है। इसका असर राखी बाजार पर भी है। बहनें भाइयों को राखी भेजने से कतरा रही हैं। उनका मानना है कि राखियां कई हाथों से गुजरेंगी। एेसे में संक्रमण का खतरा हो सकता है। बहुत से भाइयों ने बहनों से राखियां नहीं भेजने का आग्रह किया कि वे बाजार से खरीद कर बंधवा लेंगे। रक्षा बंधन पर्व 3 अगस्त को मनाया जाएगा।
थोक विक्रेता पीयूष सोडानी ने बताया कि हरियाली तीज राखियां खरीदने के लिए अन्तिम कार्य दिवस माना जाता है। इस दिन से खुदरा बिक्री बढ़ जाती थी। इस बार ऐसे हालात नहीं हैं। हरियाली तीज पर ठाकुरजी े लिए राखी खरीदने का प्रचलन था, लेकिन मंदिर बंद है। अब आखिरी तीन-चार दिन में सेल निकलने की संभावना है। राखियों के थोक विक्रेता 10 से ज्यादा है। करीब एक करोड़ रुपए का व्यापार होता है।
चाइनीज राखियां नदारद
बाजार में चाइना के बायकॉट का असर दिख रहा है। इसका फायदा भारत के अन्य राज्यों में राखी बनाने वाले कारीगरों को मिला है। बाजार में बच्चों के लिए चाइनीज लाइटिंग फैंसी राखियां न के बराबर हैं। सीमा पर संकट के कारण विक्रेताओं का मालूम था कि बाजार में चीन के खिलाफ आक्रोश है। इसलिए सभी ने ग्राहकों के मूड को भांपते हुए चाइनीज राखियों का स्टाक नहीं किया। उसकी जगह मेटल, छोटा भीम और ग्रीटिंग वाली राखियां उपलब्ध हैं। व्यापारियों का कहना है कि हर साल 20 प्रतिशत चाइनीज राखियों की बिक्री होती थी। चाइनीज राखियों की क्वाालिटी इतनी अच्छी नहीं होती है। स्थानीय राखियों की क्वालिटी अच्छी होती है और उनके दाम भी कम हैं। देसी राखियों में चूड़ा और लूंबा राखी की ज्यादा मांग है।
डाक विभाग में भी नहीं आ रही राखियां
डाक अधीक्षक का कहना है कि इस बार बाहर भेजने के लिए राखियों के लिफाफे भी नहीं आ रहे हैं। इस दौरान डाक विभाग में राखियों की रजिस्ट्री कराने वलों की कांउंटर पर भीड़ रहती है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/32TtrM7

No comments:

Post a Comment

हिमालय क्षेत्र में गर्म पानी के सोते भी कर रहे हैं बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन

हिमालय क्षेत्र में विभिन्न तापमान और रासायनिक स्थितियों वाले लगभग 600 गर्म पानी के सोते कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन कर पर्यावरण को नुकसान ...

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages