3 एसडीएम, 2 तहसीलदार समेत 2 दर्जन अधिकारियों को शोकॉज नोटिस - Hindi And English Top Breaking news -LATEST NEWS AND BREAKING NEWS IN HINDI/ENGLISH

Hindi And English Top Breaking news -LATEST NEWS AND BREAKING NEWS IN HINDI/ENGLISH

Hindi And English Top Breaking news -LATEST NEWS AND BREAKING NEWS IN HINDI/ENGLISH Latest News and Breaking News in Hindi From India and Wrold Only at First Post Hindi English We Provide all News in Hindi English On Politics, Cricket, Sports, Bollywood, Crime, Business, Share Market, Celebrity, Health ,Youga , Shopping, travel and many more Subject. Hindi English News: पल-पल के हिंदी समाचार, देश- विदेश समाचार, Breaking News in Hindi, हिंदी ख़बरें, मनोरंजन और खेल ...

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Monday, March 2, 2020

3 एसडीएम, 2 तहसीलदार समेत 2 दर्जन अधिकारियों को शोकॉज नोटिस

छतरपुर। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आ रही शिकायतों के निराकरण में लापरवाही की जा रही है। समस्याओं को निराकरण महीनों तक नहीं होने से 2 मार्च की स्थति में जिले में कुल ६९८४ शिकायतें लंबित हैं। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने शिकायतों के निराकरण में लापरवाही करने वाले 2 दर्जन अधिकारों को शोकॉज नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। कलेक्टर ने 3 एसडीएम, 2 तहसीलदार, 3 जनपद सीइओ, 2 सीएमओ, सहायक कुलसचिव समेत बिजली, पुलिस और नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में इस बात का उल्लेख किया गया है कि बिना निराकरण शिकायत को अगले स्तर पर भेजा जा रहा है। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन अधिकारियों को खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का उल्लेख भी नोटिस में किया गया है। सीएम हेल्पलाइन के 2 मार्च तक के आंकड़ो के मुताबिक सबसे ज्यादा प्रकरण अधिकारियों के स्तर पर ही लंबित है। ज्यादातर विभागों के एल-4 स्तर पर ही शिकायतों का निराकरण नहीं किया गया है।
इन अधिकारियों से एक सप्ताह में मांगा जवाब
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में की गई शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने जिन 2 दर्जन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनमें तीन एसडीएम, 2 तहसीलदार, नगरीय निकाय सीएमओ समेत जिले के कई विभागों के अधिकारी शामिल हैं। छतरपुर डिप्टी कलेक्टर एवं एसडीएम प्रियांशी भंवर, राजनगर एसडीएम स्वप्निल बानखेड़े, नौगांव एसडीएम बीबी गंगेले, तहसीलदार राजनगर झाम सिंह, छतरपुर तहसीलदार त्रिलोक सिंह पूसाम, सहायक कुल सचिव गौरीशंकर बरार, जनपद सीइओ राजनाथ सिंह, जनपद सीइओ जयशंकर तिवारी, जनपद सीइओ बडामलहरा अजय सिंह, प्रभारी जिला संयोजक आरपी भद्रसेन, जिला आपूर्ति अधिकारी स्वाति जैन, रतन कुमरे, धनीराम धुर्वे, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ऋषि शर्मा, सीएमओ खजुराहो जाबिर खान, सीएमओ घुवारा मिशलेशगिरी गोस्वामी, सीएमओ नौगांव बसंत चतुर्वेदी, बीएमओ नौगांव रविन्द्र पटेल,बीएमओ व्हीएस वाजपेयी, पीएचई सहायक यंत्री प्रतीक जैन, सटई थाना प्रभारी प्रकाश पटेल, बिजली कंपनी के सब इंजीनियर सर्वेश शुक्ला, रुपसिंह लोधी, अमित पटेल को शोकॉज नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
इन विभागों में सबसे ज्यादा लंबित हैं शिकायतें
लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों के निराकरण के मामले में सबसे ज्यादा पेंडेंसी राजस्व विभाग में है। इसलिए पहली बार तीन एसडीएम को एक साथ शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। राजस्व से संबंधित जिले में कुल 1109 शिकायतों को निराकरण लंबित है। जिसमें से एल-1 स्तर पर ही 2५3, एल-2 स्तर पर 26, एस-3 पर ७० और एल-4 स्तर पर ७60 शिकायतों को निराकरण नहीं हो पाया है। राजस्व से संबंधित मामले सबसे ज्यादा अधिकारियों के स्तर पर ही लंबति हैं। राजस्व के बाद प्राकृतिक प्रकोप राहत राशि के मामले सबसे ज्यादा पेंडिंग हैं। कुल पेंडिंग 511 मामलों में से 400 मामले एल-4 स्तर पर निराकृत नहीं हो पाए हैं। उर्जा विभाग से संबंधित शिकायतों के निराकरण में लापरवाही की जा रही है। उर्जा विभाग से संबंधित जिले में कुल 339 शिकायतें लंबित हैं। पंचायती राज से सबंधित कुल 346 शिकायतों का निराकरण नहीं हो सका है, जिसमें से केवल एल-4 स्तर पर ही 236 शिकायतों का निराकरण नहीं हो सका है। नगरीय निकाय से संबंधित कुल 423 शिकायतें लंबित हैं। जिनमें 169 एल-1 और 146 मामले एल-4 स्तर पर लंबित हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग से सबंधित ४०३ शिकायतों को निराकरण नहीं हो सका है, जिनमें से 277 मामले अधिकारियों के पास लंबित हैं। इसी तरह लोक शिक्षण से संबंधित 392 मामले पेंडिंग है. जिनमें से 248 मामलों के निराकरण अधिकारियों के स्तर पर नहीं किए गए हैं।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/38cQu3z

No comments:

Post a Comment

हिमालय क्षेत्र में गर्म पानी के सोते भी कर रहे हैं बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन

हिमालय क्षेत्र में विभिन्न तापमान और रासायनिक स्थितियों वाले लगभग 600 गर्म पानी के सोते कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन कर पर्यावरण को नुकसान ...

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages