बूंदी. जयपुर में प्रधानमंत्री-लाभार्थी जनसंवाद सभा में लाभार्थियों को लेकर गई जिले की आशाओं ने उनके साथ हुए बुरे बर्ताव को लेकर कार्रवाई के लिए सोमवार को पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपा।
पुलिस अधीक्षक को सौंपे पत्र में आशाओं ने बताया कि 7 जुलाई की सुबह वह लाभार्थियों को लेकर जयपुर के लिए रवाना हुई। उन्हें इसके लिए आरजे 09 पीबी 6677 बस दी गई गई। सुबह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश जैन ने हरी झंडी दिखाकर बूंदी से रवाना किया, तब लाभार्थियों सहित करीब 50 महिलाएं बस में सवार थी। बस पेच की बावड़ी के करीब पहुंची ही थी कि पीछे आ रही एक अन्य बस में से तीन जने चढ़े। उन्होंने बस में बैठी महिलाओं के साथ अभद्रता शुरू कर दी। वे दूसरी बस में बैठाने के नाम पर महिलाओं को धमकाने लगे। इस दौरान धक्का-मुक्की भी की। दुव्र्यवहार करते हुए आशाओं को बस से नीचे उतार दिया और अन्य लाभार्थी महिलाओं को साथ ले गए। आशाएं तपती धूप में बीच सडक़ पर खड़ी रही। इस मामले में बूंदी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को फोन करती रही, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया।
यहां पुलिस अधीक्षक को सौंपे पत्र में रेखा पाराशर ने बताया कि जो लाभार्थी आशाओं के विश्वास पर गई थी उनके साथ भी मनीष, मनोज व कृष्ण मुरार ने अभद्रता की। लौटते वक्त दुव्र्यवहार करते रहे। ऐसे में तीनों जनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। रेखा पाराशर ने बताया कि इस पीड़ा से उन्होंने सीएमएचओ को भी अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की। जबकि उन्होंने ही आशाओं को लाभार्थियों के साथ रवाना किया था। यहां आशाओं ने चेताया कि उनकी सुनवाई नहीं की तो वे आंदोलन को मजबूर होंगी। पुलिस अधीक्षक से मिलने के दौरान सुनीता मीना, कृष्णा मेहरा, कृष्णा गुप्ता, नसीम बानो, रेखा नामा, जाइदा बानो, लीला नायक आदि मौजूद थी।
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