कॉलेज के चपरासी से कम थी राजनाथ की पेंशन, ऐसे बनाया अपना करियर - Hindi And English Top Breaking news -LATEST NEWS AND BREAKING NEWS IN HINDI/ENGLISH

Hindi And English Top Breaking news -LATEST NEWS AND BREAKING NEWS IN HINDI/ENGLISH

Hindi And English Top Breaking news -LATEST NEWS AND BREAKING NEWS IN HINDI/ENGLISH Latest News and Breaking News in Hindi From India and Wrold Only at First Post Hindi English We Provide all News in Hindi English On Politics, Cricket, Sports, Bollywood, Crime, Business, Share Market, Celebrity, Health ,Youga , Shopping, travel and many more Subject. Hindi English News: पल-पल के हिंदी समाचार, देश- विदेश समाचार, Breaking News in Hindi, हिंदी ख़बरें, मनोरंजन और खेल ...

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Monday, July 9, 2018

कॉलेज के चपरासी से कम थी राजनाथ की पेंशन, ऐसे बनाया अपना करियर

लखनऊ. 10 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का जन्मदिन है। राजनाथ सिंह लखनऊ से सांसद हैं। राजनाथ सिंह का जन्म 10 जुलाई 1951 को चंदौली जिले के पुत्तुर गांव में हुआ था। वे एक राजपूत फैमिली से आते हैं। पूरी तरह से किसान परिवार में जन्म और पालन-पोषण होने की वजह से वे जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़े रहे। राजनाथ सिंह ने गोरखपूर यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में मास्टर की डिग्री ली थी। वे फर्स्ट डिविजन पासआउट हुए थे। इनके जन्मदिन पर कुछ ऐसी अनसुनी बात बताने जा रहे हैं जिन्हें सुन कर आप दंग रह जाएंगे। राजनाथ सिंह ने कॉलेज में प्रोफेसर के तौर पर करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वे राजनीति में आए। आइये जानते हैं मंत्री राजनाथ सिंह के प्रोफेसर से होम मिनिस्टर तक के सफर...


स्टूडेंट के काफी प्रिय थे राजनाथ सिंह

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह मिर्जापुर के कन्हैया लाल बसंतलाल स्नात्कोत्तर महाविद्यालय में पढ़ाते थें। वे इस विद्यालय में फिजिक्स के प्रोफेसर के पद पर तैनात थे। उन्होंने सन 1971 में मिर्जापुर के कॉलेज में उन्होंने पढ़ाना शुरू किया था। स्टूडेंट्स के साथ-साथ कॉलेज के प्रोफेसरों में भी राजनाथ काफी लोकप्रिय थे। उनके बातचीत के अंदाज के सभी कायल थे। इसके अलावा राजनीति की चर्चा से लोगों का दिल जीत लेते थे। साल 2000 में राजनाथ सिंह ने कॉलेज से रिटायरमेंट ले लिया था। इसके बाद कॉलेज की ओर से 9500 रुपए उनकी पेंशन बनाई गई थी। लेकिन, उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया। राजनाथ ने कहा था कि 1992 के बाद से कॉलेज में पढ़ाया ही नहीं है। इसलिए उनकी पेंशन इसी साल से तय की जाए। कॉलेज प्रशासन ने फिर से पेंशन की राशि बनाई जो 1350 रुपए हुई। ये रकम कॉलेज के चपरासी के पेंशन से भी कम थी।

RSS से भी जुड़े थे राजनाथ

मंत्री राजनाथ सिंह 13 साल की उम्र में ही RSS से जुड़ गए थे। कॉलेज के दिनों में भी यहां से जुड़े रहे। इस दौरान वे माथे पर तिलक और धोती-कुर्ता पहनकर ही वे RSS शाखा पहुंचते थे। ये उनकी खास पहचान थी। बातचीत में माहिर राजनाथ की RSS में काफी पैठ बन गई थी। राजनाथ सिंह भारतीय जनसंघ के भी सदस्य थे। बता दें कि जनसंघ को ही बाद में बदलकर भाजपा किया गया था। 1974 में राजनाथ को भारतीय जनसंघ के मिर्जापुर यूनिट का सेक्रेटरी बनाया गया था। इमरजेंसी के दौरान राजनाथ का नाम काफी लोकप्रिय हुआ था। 1975 में उन्हें जनसंघ का डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट बनाया गया था।अपातकाल के दौरान वो जेल भी गए थे। उन्होंने कभी किसी चीज से समझौता नहीं किया।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेल में रहने के दौरान उनके किसी खास रिश्तेदार की मौत हो गई थी। इसके बावजूद राजनाथ सिंह ने सरेंडर नहीं किया और जेल में ही रहे। इस घटना से उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई। इमरजेंसी खत्म होने पर हुए चुनाव के दौरान 1977 में पहली बार मिर्जापुर से राजनाथ सिंह विधायक बने।

ये हैं राजनाथ सिंह का पूरा राजनीतिक करियर

बीजेपी यूथ विंग के स्टेट प्रेसिडेंट भी 1984 में राजनाथ सिंह को बनाया गया था। फिर, 1986 में राष्ट्रीय महासचिव बने थे।1988 में राजनाथ सिंह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी चुने गए थे। इसके अलावा वो यूपी विधान परिषद के भी सदस्य थे। 1991 में बीजेपी की यूपी में सरकार बनने पर राजनाथ सिंह को एजुकेशन मिनिस्टर बनाया गया था। 1994 से 1999 तक संसद के उच्च सदन राज्यसभा के भी सदस्य राजनाथ सिंह रहें। केंद्र में बीजेपी की सरकार बनने पर 1999 में उन्हें केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री बनाया गया। 20 अक्‍टूबर 2000 में राजनाथ सिंह को यूपी का सीएम बनाया गया। हालांकि, उनका कार्यकाल 2 साल से भी कम रहा था। इसके बाद साल 2003 में वाजपेई के मंत्रीमंडल में कृषि मंत्री बनाया गया था। 2004 में एनडीए की हार के बाद राजनाथ सिंह ने बतौर विपक्ष के नेता की भी भूमिका निभाई। नितिन गडकरी के इस्तीफे के बाद 2013 में राजनाथ सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था। 2009 के आम चुनाव के दौरान गाजियाबाद से भी सांसद चुने गए थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह लखनऊ से जीतकर लोकसभा पहुंचे। केंद्र में बीजेपी की सरकार बनते ही पार्टी के इस दिग्गज नेता को होम मिनिस्टर बनाया गया।

 

 

 



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2J5i1rn

No comments:

Post a Comment

हिमालय क्षेत्र में गर्म पानी के सोते भी कर रहे हैं बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन

हिमालय क्षेत्र में विभिन्न तापमान और रासायनिक स्थितियों वाले लगभग 600 गर्म पानी के सोते कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन कर पर्यावरण को नुकसान ...

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages