बैतूल/चिचोली। जिले में कोरोना संक्रमण का कहर थमता नजर नहीं आ रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज निकलकर सामने आ रहे हैं। सोमवार को कोरोना पॉजिटिव दस नए मरीज सामने आए हैं। इनमें सर्वाधिक मरीज चिचोली ब्लॉक के छह बताए जाते हैं। पांच मजूदर हैं जो महाराष्ट्र प्रांत के सोलापुर में बोरिंग मशीन में काम करते थे। इसके अलावा नसीराबाद का एक युवक भी जो नागपुर से परिजन का इलाज कराकर लौटा था। वह भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। बैतूल के कोठीबाजार क्षेत्र में एक अधिवक्ता की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। भीमपुर ब्लॉक के गुलहर ढाना में हैरदाबाद से लौटी एक युवती में भी कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा शाहपुर में कपड़े बेचने का कारोबार करने वाले एक व्यक्ति का सैंपल भी कोरोना पॉजिटिव आया है। शहर से लगे ग्राम सोनाघाटी में भी भोपाल से लौटी एक महिला में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई है। जिले में अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर १७० पर पहुंच गई है। वहीं अभी ३१७ मरीजों की रिपोर्ट आना बाकी बताया जा रहा है। जिससे कोरोना मरीजों की संख्या ओर बढऩे के आसार है। कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग के मुखिया कितने गंभीर है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले हेल्थ बुलेटिन में कोरोना मरीजों से जुड़ी पूरी जानकारी तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। सिर्फ रूटीन के तौर पर आंकड़े भर जारी किए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र से आए मजदूर कोरोना संक्रमित
वैश्विक महामारी कोरोना के केस अब ग्रामीण क्षेत्र में बढऩा शुरू हो गए हैं। महाराष्ट्र से लौट रहे लोग सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं।बताया गया कि सोमवार को चिचोली ब्लॉक के 6 लोगों की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम ऊचागोहान के कड़बाढाना के 8 लोग 17 जुलाई को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से चलकर अपने गांव ऊंचागोहान पहुंचे थे। स्वास्थ विभाग द्वारा 17 जुलाई को इनका कोरोना सैंपल लिया गया था जिसमें सोमवार आई कोरोना रिपोर्ट में 5 युवक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यह सभी बोरवेल मशीन में ट्यूबवैल खनन का काम करते थे। इसी प्रकार विकासखंड के ग्राम नसीराबाद एक युवक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। युवक अपने किसी परिजन के इलाज कराने के लिए नागपुर गया था। वहां से लौटने के बाद संक्रमित पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सभी कोरोना पॉजिटिव मरीजों को कोविङ सेंटर में भर्ती कराया जा रहा है। इधर एक राहत भरी खबर यह है कि एक ही परिवार के 8 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर सभी को चिचोली कोविड सेंटर से छुट्टी दे दी गई है और चिकित्सकों ने होम क्वॉरंटीन रहने की सलाह दी है।
बैतूल, शाहपुर और भीमपुर में भी निकले पॉजिटिव
बैतूल शहर के कोठीबाजार क्षेत्र में सोमवार देर शाम एक अधिवक्ता की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलाव शाहपुर में यूपी के एक रेडिमेट कपड़ा विक्रेता जो पिछले कुछ महीनों से शाहपुर में रह रहा था उसकी रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। वहीं भीमपुर ब्लॉक में गुलहर ढाना में हैरदाबाद से लौटी एक युवती में भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। जिसे भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा जिला मुख्यालय से लगे ग्राम सोनाघाटी में भी भोपाल से लौटी एक महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। तेजी से बढ़ती कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या से संक्रमण का खतरा ओर ज्यादा बढ़ गया है।
कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या ९८ पहुंची
जिले में जहां कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं इनके ठीक होने की रफ्तार भी बढ़ी है। अभी तक ९८ कोरोना मरीज ठीक होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। जबकि एक्टिव केसों की संख्या ७१ के करीब बताई जाती है। यह संख्या काफी तेज रफ्तार से बढ़ रही है और भी इसी तरफ्तार से बढ़ेगी, क्योंकि वर्तमान में ३१७ सैंपलों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। जो स्थिति है उसमें जिले में अभी तक किए गए कोरोना सैंपलों की संख्या साढ़े पांच हजार से ऊपर जा पहुंची है। चिकित्सकों की माने तो कोरोना का यह पिक चल रहा है इसलिए संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले भी इससे अछूते नहीं रहेंगे।
आठ के लिए सैंपल, ९२ लोग २१ दिनों के लिए होम क्वॉरंटीन
पाथाखेड़ा । कोयलांचल क्षेत्र पाथाखेड़ा के पंडित जवाहरलाल नेहरू वार्ड क्रमांक 14 में 58 वर्षीय डब्ल्यूसीएल के एक कर्मचारी में कोरोना संक्रमण पाए जाने के बाद संपूर्ण वार्ड में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका परिषद सारनी और पुलिस विभाग के द्वारा रविवार रात में ही डब्ल्यूसीएल के इस आवास एवं वार्ड के अंतर्गत आने वाले 24 मकानों को 21 दिनों के लिए होम क्वॉरंटीन किया गया है। इस 24 मकानों में 92 लोग निवास करते हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के टीम के द्वारा इस वार्ड में पहुंचकर आठ लोगों का सैंपल लिया गया है। बताया जाता है कि डब्ल्यूसीएल की भूमिगत खदान में काम करने वाले यह कर्मचारी का स्वास्थ्य 9 जुलाई से खराब था,10 जुलाई को इनके द्वारा डब्ल्यूसीएल के एरिया अस्पताल में स्वास्थ्य उपचार करवाया गया था, लेकिन स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाने के कारण 14 जुलाई को यह तवा वन खदान में अपने कार्यस्थल पर काम करने के बाद इन्होंने उपचार के लिए अवकाश ले लिया ।17 जुलाई को उपचार के लिए यह बैतूल गए और 19 जुलाई को कोरोना संक्रमण पाए गए हैं।
डब्ल्यूसीएल कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से भयभीत है प्रबंधन
डब्ल्यूसीएल के एरिया प्रबंधक कर्मचारी के कोरोना वायरस पाए जाने के बाद चिंतित दिखाई दे रहे हैं। सोमवार को उन्होंने भूमिगत खदान एवं एरिया अस्पताल से संबंधित जितने भी विभाग है उन सभी को सावधानी के साथ कार्य करने को कहा है, साथ ही वह कर्मचारी जो संक्रमण कर्मचारी के संपर्क में आए थे उन सभी कर्मचारियों के सैंपल लिए जाने को कहा गया है।
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