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Wednesday, March 18, 2020

बागी विधायक बोले- दिग्विजय ने किया बंटाढार, हमें उनसे नहीं मिलना

भोपाल/बेंगलूरु. ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक बागी कांग्रेस विधायकों ने बेंगलूरु में सुरक्षा का खतरा बताते हुए दिग्विजय सिंह से मिलने से इनकार कर दिया है। विधायकों ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि दिग्विजय ने कांग्रेस का बंटाढार कर दिया। हम उनकी वजह से भागकर यहां आए हैं, हमें दिग्विजय से नहीं मिलना। इन विधायकों के अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसमें सभी विधायक अलग-अलग तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन सबका एक ही संदेश है कि हम अपनी मर्जी से यहां आए हैं और हमें दिग्विजय समेत किसी कांग्रेस नेता से नहीं मिलना। वहीं, इन विधायकों ने कर्नाटक के डीजीपी को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा की मांग की।
- वीडियो में किसने क्या कहा
मनोज चौधरी : मनोज ने कहा कि वे दिग्विजय से मिल सकते हैं, लेकिन उनकी कुछ शर्तें हैं। वे अपनी मर्जी से यहां आए हैं। दिग्विजय सिंह पहले उनके निर्वाचन क्षेत्र की तमाम सड़कों को देखकर आएं, उन किसानों से मिलकर आएं जिन पर झूठे केस लाद दिए गए हैं।
बिसाहूलाल सिंह : मैं 40 साल से दिग्विजय को अपना नेता मानता आ रहा हंू। पार्टी में वरिष्ठ होने के नाते मैं मंत्री पद का स्वाभाविक दावेदार था, लेकिन दिग्विजय के भाई-भतीजावाद के कारण मुझे मंत्री नहीं बनाया गया, वो अपने बयान में राहुल गांधी तक का हवाला दे रहे हैं।
कमलेश जाटव : हम लोग स्वेच्छा से आए हैं, स्वेच्छा से जाएंगे। कांग्रेस के बड़े नेता आए हैं, लेकिन अब ये फालतू क्यों परेशान हो रहे हैं। ये नेता क्षेत्र की जनता का कोई काम नहीं कर रहे थे, इसलिए वापस चले जाएं।
सुरेश धाकड़ : मैं अपनी मर्जी से यहां आया हंू और अपना इस्तीफा भेजा है। दिग्विजय हैं लेकिन इन्हीं की वजह से कांग्रेस की नैया डूबी है, हम इनसे नहीं मिलना चाहते।
इमरती देवी : मैं मंत्री रही हूं, अभी पता चला है कि दिग्विजय आए हैं, लेकिन हम दिग्विजय की वजह से भी भोपाल से भागे हैं। उन्होंने पूरी कांग्रेस बर्बाद कर दी। ऐसी कांग्रेस में हम नहीं रहना चाहते, जहां दिग्विजय हों।
जसवंत जाटव : दिग्विजय की वजह से हमारी और कांग्रेस की ये दुर्गति हुई है। मैंने कर्नाटक सरकार से अपने लिए सुरक्षा की मांग की है।
तुलसी सिलावट : मैं स्वास्थ्य मंत्री था, स्वयं की इच्छा से यहां आया हूं, दिग्विजय आए हैं, लेकिन हमें उनसे नहीं मिलना।
मुन्नालाल गोयल : दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस का बंटाढार कर दिया।
रघुराज कंसाना : दिग्विजय सिंह की वजह से ये सरकार गई है।
गोविंद सिंह राजपूत : स्वेच्छा से यहां पर हूं। मुझ पर कोई दबाव नहीं है। कांग्रेस के मंत्री झूठ बोल रहे हैं।
- माचिस को भेजा आग बुझाने : नरोत्तम
भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय के बेंगलूरु जाने को लेकर तंज कसा हैै। नरोत्तम ने कहा कि 'आगे जो भी होगा वो तो भगवान जाने, लेकिन कांग्रेस ने माचिस को भेजा आग बुझाने।Ó नरोत्तम ने दिग्विजय को मिस्टर बंटाढार बताते हुए कहा है कि बेंगलूरु में उपस्थित विधायक इनसे मिलना ही नहीं चाहते, फिर भी ये जिद कर रहे हैं। कांग्रेस का संविधान में विश्वास नहीं है, कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं का अनादर कर रही है और राज्यपाल के कहने के बावजूद भी फ्लोर टेस्ट नहीं करवा रही है।

- दिग्विजय गिरफ्तार, नहीं हुई मुलाकात
दिग्विजय सिंह को बेंगलूरु पुलिस ने एहतियात के तौर पर गिरफ्तार किया, फिर रिहा किया। कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जो खारिज हुई। अंतत: असंतुष्टों से मिलने की उनकी हर कोशिश नाकाम हुई। हालांकि, अचानक उनके बेंगलूरु पहुंचने से कर्नाटक से लेकर मध्यप्रदेश और नई दिल्ली तक सियासत में उबाल आ गया। दिग्विजय की गिरफ्तारी का मामला राज्य विधानसभा से लेकर राज्यसभा में उठा और कार्यवाही बाधित हुई। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार और राज्य के अन्य कांग्रेस विधायकों रिजवान अरशद और कृष्ण बैरेगौड़ा के साथ दिग्विजय मध्यप्रदेश के कुछ मंत्रियों के साथ सुबह 6.30 बजे रिसॉर्ट पहुंचे, लेकिन उन्हें एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया। यहां पुलिस उपाधीक्षक (डीसीपी) के साथ उनकी बहस हुई। उन्होंने भाजपा पर विधायकों को बंधक बनाने का आरोप लगाया और कहा कि भूख हड़ताल करेंगे।
- पुलिस बोली- विधायकों ने मांगी सुरक्षा
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि भाजपा विधायक अरविंद भदौरिया और एक सांसद ने उन्हें बंधक बना रखा है। वे राज्यसभा के उम्मीदवार हैं और अपने विधायकों से मिलना चाहते हैं जो उनके वोटर भी हैं। उन्हें अकेले ही रिसॉर्ट में जाने की अनुमति दी जाए, लेकिन पुलिस प्रशासन ने यह कहकर उन्हें जाने की अनुमति नहीं दी कि रिसॉर्ट में ठहरे विधायकों ने सुरक्षा मांगी है और वे किसी से नहीं मिलना चाहते।
- धरने पर बैठे तो किया गिरफ्तार
दिग्विजय धरने पर बैठे तो भारी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें एहतियातन गिरफ्तार कर लिया और अमृतहल्ली थाने ले गई। थाने से दिग्विजय प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के साथ बस में पुलिस कमिश्नर कार्यालय गए और शिकायत दर्ज कराई। सूत्रों के मुताबिक पुलिस आयुक्त ने कांग्रेस नेताओं से कहा कि वे इस मामले में कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि वे पुलिस महानिदेशक के निर्देशों से बंधे हैं। इसके बाद सभी नेता पुलिस महानिदेशक प्रवीण सूद से भी मिले।
- शिवकुमार ने डीजीपी से भेंट के बाद कहा कि अगर रिसॉर्ट में ठहरे विधायकों ने सुरक्षा मांगी है तो पुलिस सुरक्षा प्रदान करे, लेकिन वहां भाजपा के नेता-कार्यकर्ता क्या कर रहे हैं? उन्हें भी वहां से हटाया जाए। वर्ना वे उन्हें खुद हटाने पहुंचेंगे।
- देर शाम तोड़ा अनशन
डीजीपी कार्यालय से निकलने के बाद सभी नेता प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे, जहां पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरामय्या, डीके शिवकुमार, दिनेश गुंडूराव के साथ दिग्विजय ने बैठक की। बैठक के बाद डीके शिवकुमार और दिग्विजय ने मीडिया को पूरा घटनाक्रम बताया। देर शाम तक दिग्विजय सिंह ने अनशन नहीं तोड़ा था।
- हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
कर्नाटक हाईकोर्ट ने दिग्विजय सिंह की उस अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट से निवेदन किया था कि रिसॉर्ट में ठहरे विधायकों से उन्हें मिलने के लिए पुलिस प्रशासन को निर्देश दे। हाईकोर्ट ने कहा कि पहले ही मध्यप्रदेश कांग्रेस ने इसी तर्ज पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। वहां कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया गया है, इसलिए हाईकोर्ट भी इसे स्वीकार नहीं कर सकता। इस मामले पर अब अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।



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