खंडवा. जिले का एक गांव ऐसा भी है जहां बिना पोल, बिना तार और बिना बिजली कनेक्शन के बिजली मीटर खपत दिखा रहे हैं। दो साल से एक आदिवासी फाल्या में बिना बिजली कनेक्शन के आदिवासी परिवारों को हजारों रुपए के बिल दिए जा रहे है। जिसके चलते ये आदिवासी परिवार परेशान हो रहे है। मामले की जानकारी क्षेत्रीय विधायक को लगने के बाद उन्होंने इस मामले में अधिकारियों को लताड़ लगाई है।
छैगांवमाखन ब्लॉक के ग्राम बोरखेड़ा का आदिवासी बोरखेड़ा टांडा फाल्या में सात परिवारों को बिजली कंपनी की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बोरखेड़ा टांडा फाल्या में कई सालों से बिजली कनेक्शन नहीं है। यहां दो साल पहले इन सात आदिवासी परिवारों के मकानों पर बिजली कंपनी ने बिजली के मीटर तो लगा दिए, लेकिन कनेक्शन आज तक नहीं हुआ है। पीडि़त रूमसिंह ने बताया कि कनेक्शन तो दूर की बात यहां इन मकानों के आसपास भी बिजली के पोल नहीं पहुंचे और न ही तार डले हैं। यहां बिना बिजली उपयोग के ही आदिवासी परिवारों को 4-4 हजार रुपए के बिजली बिल दिए जा रहे है। इस मामले में आदिवासी परिवारों ने कई बार बिजली कंपनी कार्यालय में शिकायत की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
कराएंगे बिजली बिल माफ
मामले में जब आदिवासी परिवारों ने पंधाना विधायक राम दांगोरे को शिकायत की तो उन्होंने आदिवासी परिवारों के बिजली बिल माफ कराने का आश्वासन दिया। विधायक दांगोरे ने इस मामले में बिजली कंपनी के अधिकारियों को तुरंत फोन लगाकर समस्या को तत्काल दूर करने, बिजली पोल लगाकर कनेक्शन जोडऩे के निर्देश दिए। साथ ही बिना बिजली के दिए गए बिलों को माफ करने को भी कहा।
फसल के कारण नहीं हुए कनेक्शन
बोरखेड़ा फाल्या टांडा में सौभाग्य योजना में हर घर में मीटर लगाकर बिजली पहुंचाना थी। खेतों में फसल होने के कारण ठेकेदार पोल व तार नहीं डाल सका। जल्द ही पोल व तार लगाकर मीटरों में कनेक्शन देंगे। बिजली के बिल शासन द्वारा माफ किए जाएंगे।
पीके खेड़े जेई विविकं गुड़ी
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