स्वास्थ्य केंद्र और स्कूल के पास लगे ईंट भट्टे, मरीजों और बच्चों को धुंए से हो रही परेशानी - Hindi And English Top Breaking news -LATEST NEWS AND BREAKING NEWS IN HINDI/ENGLISH

Hindi And English Top Breaking news -LATEST NEWS AND BREAKING NEWS IN HINDI/ENGLISH

Hindi And English Top Breaking news -LATEST NEWS AND BREAKING NEWS IN HINDI/ENGLISH Latest News and Breaking News in Hindi From India and Wrold Only at First Post Hindi English We Provide all News in Hindi English On Politics, Cricket, Sports, Bollywood, Crime, Business, Share Market, Celebrity, Health ,Youga , Shopping, travel and many more Subject. Hindi English News: पल-पल के हिंदी समाचार, देश- विदेश समाचार, Breaking News in Hindi, हिंदी ख़बरें, मनोरंजन और खेल ...

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Monday, March 9, 2020

स्वास्थ्य केंद्र और स्कूल के पास लगे ईंट भट्टे, मरीजों और बच्चों को धुंए से हो रही परेशानी

छतरपुर। शहर के नजदीक इन दिनों बडी संख्या में अवैध रूप से ईंट भट्टा का कारोबार जोरों पर किया जा रहा है। जिसपर न तो प्रशासन की नजर पहुंच पा रही है और न ही वन विभाग सहित अन्य विभागों की। जिससे लोगों द्वारा अपने खेतों को खोदकर उस मिट्टी से ईटें तैयार कर रहे हैं और स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्र सहित रहवासी इलाकों में भट्टे लगा रहे हैं। जिससे उडऩे वाले धुएं से आसपास के लोगों को दिक्कतें हो रही हैं साथ वातावरण प्रदूषित हो रहा है। यहां कार्य एक स्थानों में नहीं बल्कि शहर के चारों ओर किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार शहर के नजदीकी ग्राम ढड़ारी, ललौनी, देरी, पठापुर, रमनपुरा, सटई रोड़, नारायणपुरा रोड, सरानी के पास, पन्ना रोड़ सहित शहर के चोरों और ग्रामीण क्षेत्र में बडी मात्रा में बिना नियम कानून का पालन किए ही ईटें तैयार की जा रही है और ईटों का भट्टा लगाकर लकड़ी व कोयला से पका रहे हैं। जिससे दिन रात धुआं निकलता रहता हैं। एक ईंट भट्टा को सही से पकने के लिए करीब १५ से २० दिन का समय लगता है तब तक यह धुआं लगातार निकलता रहता है। जिससे आसपास रहने वालों को स्वशन क्रिया में दिक्कत सहित कई प्रकार की दिक्कतें हो सकती हैं। साथ लगातार धुएं, धूल आदि से सिलीकोसिस नामक बीमारी होने की संभावनाऐं भी बनी रहतीं हैंं। वहीं कुछ लोगों द्वारा ईंट भट्टों में आग लगाने के लिए कैमिकल का छिकाव भी किया जा रहा है जिससे इससे निकलने वाला धुआं और खतरनाक हो जाता है।

नहीं ली जाती लीज, न ही मंजूरी
शहर के आसपास संचालित अधिकांस ईंट भट्टे ऐसे हैं जिनके पास न प्रशासन की अनुमति ळै और न ही खनिज विभाग से लीज ली गई है। यहां पर लोगों को पंचायत की अनुमित भी लेना जरूरी नहीं समझा गया। अवैध रूप से चल रहे इन ईंट भट्टो पर बाल मजदूर भी आसानी से देखे जा सकते हैं।

पर्यावरण प्रदूषण के लिए भी खतरा
क्षेत्र में चल रहे इन ईंट भट्टों से पर्यावरण प्रदूषण फैल रहा है। दिन रात उड़ रहे से एक ओर जहां लोगों को दिक्कतें हो रही हैं वहीं दूसरी पर्यावरण भी दूषित हो रहा है। वहीं कई लोगों द्वारा कोयला का उपयोग न कर लकड़ी, भूसा, प्लास्टिक सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सबित हो रहा।

से है भट्ठे लगाने का नियम
किसी व्यक्ति को ईंट भट्टे का व्यापार करना है तो उसे मिट्टी उत्खनन के लिए लीज स्वीकृति लेना पड़ती है। बाद पर्यावरण विभाग की एनओसी, वन विभाग की एनओसी, ग्राम पंचायत की मंजूरी, तहसील की एनओसी, निर्माण करने वाले लोगों का लायसेंस आदि तैयार कराना होता है इसके बाद ईंट भट्टों का व्यापार कर सकते हैं। लेकिन हाल में इन नियमों को न मानकर कार्य किया जा रहा है।

इनका कहना है
ईंट भट्टे लगाने के लिए शासन द्वारा नियम तय किए गए हैं, जो भ्ीा नियमों के विपरीज कार्य करते हैं उनपर कार्रवाई करने का प्रावधान भी है। मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
अमित मिश्रा, खनिज अधिकारी, छतरपुर



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3aGrO59

No comments:

Post a Comment

हिमालय क्षेत्र में गर्म पानी के सोते भी कर रहे हैं बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन

हिमालय क्षेत्र में विभिन्न तापमान और रासायनिक स्थितियों वाले लगभग 600 गर्म पानी के सोते कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन कर पर्यावरण को नुकसान ...

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages