बीकानेर. नोखा. मनुष्य जीवन में कर्मों से ही पहचाना जाता है। अच्छे कर्म करने वालों को लोग सदियों तक याद करते हैं। संत दुलाराम कुलरिया ने जीवन में गोसेवा व समाज सेवा के लिए अनेक कार्य किए। उनके ब्रह्मलीन होने के बाद भी लोग श्रद्धा से नमन करते हैं।
ये विचार सोमवार को संत दुलाराम कुलरिया की ढाणी सीलवा-मूलवास में संतों व प्रबुद्ध लोगों ने व्यक्त किए। मौका था संत दुलाराम कुलरिया की चतुर्थ पुण्यतिथि पर भजन संध्या का। रात को हरिनाम सत्संग एवं भजन संध्या हुई। इसमें साधु-संतों के प्रवचन हुए।
भजन संध्या में गायक अनूप जलोटा ने चिर-परिचित अंदाज में 'ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन, कौन कहता भगवान आते नहीं, तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं आदि भजन सुनाए तो श्रोता झूम उठे। देर रात तक भजनों को सुनने के लिए श्रोता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा कि संत दुलाराम कुलरिया ने अपने जीवनकाल में अनेक नेक कार्य किए। उनके बाद भंवर, नरसी और पूनम कुलरिया सेवा कार्यों को आगे बढ़ा रहे है। इससे पूर्व लोगों ने संत कुलरिया को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
दिनभर दान-पुण्य का दौर
संत दुलाराम कुलरिया की पुण्यतिथि पर दिनभर गरीब, असहाय, वंचित लोगों को दान-पुण्य किए गए। शाम को लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान ५१ लाख रुपए विभिन्न गोशालाओं व वंचित और असहाय लोगों को वितरित किए गए।
कई हस्तियों ने की शिरकत
भजन संध्या में केंद्रीय मंत्री मेघवाल के अलावा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई, सादुलशहर विधायक जगदीश जांगिड़, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री पुखराज पाराशर, महंत क्षमाराम महाराज, महंत प्रतापपुरी महाराज पोकरण, भंवरदास रोड़ा, रामेश्वरदास महाराज जोधुपर, नोखा पालिकाध्यक्ष नारायण झंवर, रामचंद्र, प्रेमसुख शर्मा, देवाराम जांगिड़, हमराराम जांगिड़, रामगोपाल सुथार, भजन गायक शिवजी सुथार, नवरतन सिंह सहित बड़ी संख्या में हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में बीकानेर के अलावा देशभर से व्यवसायी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, भामाशाह, समाजसेवी व प्रबुद्ध लोग आए।
परिजन रहे मौजूद
कार्यक्रम में रामप्यारी देवी, गोसेवी संत पदमाराम कुलरिया, उगमाराम, देवाराम, मगाराम कुलरिया सहित अन्य परिजन मौजूद रहे।
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