नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के सबसे करीबी कांग्रेसी नेता व राज्यसभा सदस्य अहमद पटेल को बड़ी राहत दी है। देश के शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट में चल रहे मामले की सुनवाई पर रोक लगा दी है। हालांकि कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट को यह अनुमति दी है कि वह किस मुद्दे पर सुनवाई करे। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में अब दो दिनों बाद सुनवाई होगी।
क्या है पूरा मामला
कांग्रेस के पूर्व विधायक बलवंत सिंह राजपूत ने आठ अगस्त, 2017 को गुजरात की तीन राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव से पहले भाजपा से जुड़ गए थे। भाजपा ने राजपूत को एक सीट पर बतौर भाजपा प्रत्याशी अहमद पटेल खिलाफ मैदान में उतारा था। चुनाव आयोग ने चुनाव मानदंडों के उल्लंघन पर कांग्रेस के पूर्व विधायक राघवजी पटेल और भोलाभाई गोहिल के वोटों को अमान्य घोषित करने का आदेश दिया था। इसके बाद राजपूत को पटेल के हाथों चुनावी हार मिली थी। तकनीक लाभ देते हुए चुनाव आयोग ने पटेल को विजयी घोषित किया था। चुनाव के बाद राजपूत ने अगस्त 2017 में याचिका दाखिल की जिसमें आयोग के आदेश पर सवाल उठाए गए हैं।
परेशान करने की नीयत से दायर की याचिका
गुजरात में राज्यसभा चुनाव में पटेल के खिलाफ चुनाव लड़े भाजपा प्रत्याशी बलवान सिंह ने हार के बाद गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके खिलाफ अहमद पटेल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। पटेल ने अपनी याचिका में बताया है कि इस मामले को जान बूझकर कानूनी प्रक्रियाओं में उलझाया जा रहा है। ऐसा इसलिए कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा की तरफ से नियमों को उल्लंघन किया गया था। इस बात की अपील चुनाव आयोग से की थी। नियमानुसार चुनाव आयोग ने मुझे विजेता घोषित किया। इसलिए भाजपा प्रत्याशी ने गुजरात हाईकोर्ट में परेशान करने की नीयत से याचिका दायर की है।
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