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Tuesday, July 10, 2018

सिस्टर सिटीज लोगों के दिलों को जोडऩे का काम करेगी

भोपाल। अरेरा क्लब व सोच और संवाद द्वारा सोमवार को इंडो-यूएस रिलेशंस और सिस्टर सिटीज कंसेप्ट को लेकर डिस्कशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वल्र्ड अफेयर काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष व वर्तमान में सिस्टर सिटीज के अध्यक्ष डेविड एडिक(यूएस) के साथ एडीजी मनीष शंकर शर्मा ने सिस्टर सिटीज कंसेप्ट को लेकर चर्चा की।

इसके अलावा भारत-यूएस संबंध, फ्यूचर रिलेशनशिप, रसिया-यूएस संबंध के साथ न्यूक्लीयर पोलोराइजेशन प्रोग्राम से लेकर ईरान-यूएस संबंधों पर भी चर्चा हुई। डेविड ने कहा वल्र्ड वार-1 और 2 के बाद देशों के बीच दूरियां बढ़ गई थी। 1955 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति ने सिस्टर सिटीज अवधारणा की नींव रखी।

उनका कहना था कि डिप्लोमेटिक रिलेशनशिप और देशों के नागरिकों को एक-दूसरे के करीब लाना, एक-दूसरे पर विश्वास की भावना पैदा करना ही इसका मकसद था। दुनिया में जोडऩे की बजाए तोडऩे की कोशिश की जा रही है।

सिस्टर सिटीज लोगों को दिल से जोडऩे का काम करेगी। एक-दूसरे में विश्वास की भावना पैदा करेगी। ये बहुत जरूरी है। यूनिवर्सिटी एक्सचेंज, बिजनेस रिलेशंस, एसोसिएशन एक्सचेंज आदि भी विकसित किए जा सकते हैं व बिजनेस को इस माध्यम से बढ़ावा दिया जा सकता है।

आपसी संवाद जरूरी
यह पीपुल टू पीपुल प्रोग्राम हैं, जब कोई कम्युनिटी किसी दूसरे देश की किसी ऐसी कम्युनिटी से जुड़ती है, जो कि उसके समान हो तो वह उससे कुछ सीख ले सकती है। कम्युनिटी के बीच आपसी संवाद के बाद कमर्शियल एंगल की बात आती है।

ये भी बहुत जरूरी हो जाता है। ऐसे में जब किसी काम के साथ अर्थ जुड़ता है तो फिर वो दोस्ती सफल बनती हैं, यही इस सिस्टर सिटीज की अवधारणा है। इस मौके पर कई लोगों ने यूएस की न्यूक्लीयर पॉलिसी, फॉरने पॉलिसी, यूएस प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप के एग्रेसिव बिहेवियर आदि विषयों पर भी रोचक सवाल किए।

इस दौरान डेविड का कहना था कि डिप्लोमेटिक रिलेशनशिप और देशों के नागरिकों को एक-दूसरे के करीब लाना, एक-दूसरे पर विश्वास की भावना पैदा करना ही इसका मकसद था। सिस्टर सिटीज लोगों को दिल से जोडऩे का काम करेगी। एक-दूसरे में विश्वास की भावना पैदा करेगी। ये बहुत जरूरी है।

 



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